Category: व्रत कथाएँ

व्रत कथाएँ हमारे भारतीय संस्कृति और परंपराओं का एक अभिन्न हिस्सा हैं। इन कथाओं में न केवल धार्मिक महत्व को बताया गया है, बल्कि इनसे नैतिक शिक्षा और जीवन मूल्यों की भी सीख मिलती है। व्रत कथाएँ विभिन्न देवी-देवताओं, पौराणिक कथाओं, और मान्यताओं से जुड़ी होती हैं, जो विशेष व्रत या त्यौहारों के दौरान पढ़ी और सुनी जाती हैं। ये कथाएँ हमें सिखाती हैं कि किस प्रकार विश्वास, भक्ति, और समर्पण के बल पर जीवन के कठिनाइयों और संघर्षों का सामना किया जा सकता है।

हम आपके लिए लाए हैं विभिन्न व्रतों से जुड़ी अद्भुत कथाएँ, जो न सिर्फ आपके धार्मिक ज्ञान को बढ़ाएंगी, बल्कि आपके मन को भी शांति प्रदान करेंगी। हमारे संग्रह में शामिल हैं करवा चौथ, सावन के सोमवार, नवरात्रि, एकादशी, और अन्य कई व्रतों से जुड़ी कथाएँ। हम सरल और सहज भाषा में इन कथाओं को प्रस्तुत करते हैं, जिससे कि हर उम्र और वर्ग के लोग इन्हें आसानी से समझ सकें।

आइए, हमारे साथ इस आध्यात्मिक यात्रा पर चलें और अपने जीवन में सकारात्मकता और शांति को आमंत्रित करें।

अहोई अष्टमी और राधाकुण्ड से जुड़ी कथा – Ahoi Ashtami And Radhakund Katha

व्रत कथा ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ बहुत समय पहले झाँसी के निकट एक नगर में चन्द्रभान नामक साहूकार रहता था। उसकी पत्नी चन्द्रिका बहुत सुंदर, सर्वगुण सम्पन्न, सती साध्वी, शिलवन्त चरित्रवान तथा बुद्धिमान थी। उसके कई पुत्र-पुत्रियां थी परंतु [...]

अहोई अष्टमी व्रत कथा – Ahoi Ashtami Vrat Katha

व्रत कथा ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ प्राचीन काल में किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके सात लड़के थे। दीपावली से पहले साहूकार की स्त्री घर की लीपापोती हेतु मिट्टी लेने खदान में गई और कुदाल से मिट्टी [...]

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 9 – Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 9

व्रत कथा राजा पृथु ने कहा: हे मुनिश्रेष्ठ नारद जी! आपने कार्तिक माह के व्रत में जो तुलसी की जड़ में भगवान विष्णु का निवास बताकर उस स्थान की मिट्टी की पूजा करना बतलाया है, अत: मैं श्री तुलसी जी [...]

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 10 – Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 10

व्रत कथा राजा पृथु बोले – हे ऋषिश्रेष्ठ नारद जी! आपको प्रणाम है। कृपया अब यह बताने की कृपा कीजिए कि जब भगवान शंकर ने अपने मस्तक के तेज को क्षीर सागर में डाला तो उस समय क्या हुआ? नारद [...]

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 11 – Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 11

व्रत कथा एक बार सागर पुत्र जलन्धर अपनी पत्नी वृन्दा सहित असुरों से सम्मानित हुआ सभा में बैठा था तभी गुरु शुक्राचार्य का वहाँ आगमन हुआ। उनके तेज से सभी दिशाएँ प्रकाशित हो गई। गुरु शुक्राचार्य को आता देखकर सागर [...]

परमा एकादशी व्रत कथा – Parama Ekadashi Vrat Katha

व्रत कथा परमा एकादशी का महत्त्व: अर्जुन ने कहा, हे कमलनयन! आपने शुक्ल पक्ष की एकादशी का विस्तारपूर्वक वर्णन कर मुझे सुनाया, अतः अब आप कृपा करके मुझे अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का क्या नाम है? इसमें किस देवता का [...]

चक्रवर्ती राजा दिलीप की गौ-भक्ति कथा – Chakravarthi Raja Dileep Ki Gau Bhakti Katha

व्रत कथा शास्त्रो में राजा को भगवान् की विभूति माना गया है। साधारण व्यक्ति से श्रेष्ट राजा को माना जाता है, राजाओ में भी श्रेष्ट सप्तद्वीपवती पृथ्वी के चक्रवर्ती सम्राट को और अधिक श्रेष्ट माना गया है। ऐसे ही पृथ्वी [...]

रमा एकादशी व्रत कथा – Rama Ekadashi Vrat Katha

व्रत कथा रमा एकादशी का महत्त्व: धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवान! मैंने आश्विन शुक्ल एकादशी अर्थात पापांकुशा एकादशी का सविस्तार वर्णन सुना। अब आप कृपा करके मुझे कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी के विषय में भी बतलाइये। इस एकादशी का क्या नाम है [...]

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 12 – Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 12

व्रत कथा नारद जी ने कहा: तब इन्द्रादिक देवता वहाँ से भय-कम्पित होकर भागते-भागते बैकुण्ठ में विष्णु जी के पास पहुंचे। देवताओं ने अपनी रक्षा के लिए उनकी स्तुति की। देवताओं की उस दीन वाणी को सुनकर करुणा सागर भगवान [...]

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 14 – Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 14

व्रत कथा कार्तिक मास का आज, लिखूं चौदहवाँ अध्याय । श्री हरि कृपा करें, श्रद्धा प्रेम बढाएँ ॥ तब उसको इस प्रकार धर्मपूर्वक राज्य करते हुए देख देवता क्षुब्ध हो गये। उन्होंणे देवाधिदेव शंकर का मन में स्मरण करना आरंभ [...]

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 13 – Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 13

व्रत कथा कार्तिक कथा को सुनो, सभी सहज मन लाय । तेरहवाँ अध्याय लिखूँ, श्री प्रभु शरण में आय ॥ दोनो ओर से गदाओं, बाणों और शूलों आदि का भीषण प्रहार हुआ। दैत्यों के तीक्ष्ण प्रहारों से व्याकुल देवता इधर-उधर [...]

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 16 – Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 16

व्रत कथा सुनो लगाकर मन सभी, संकट सब मिट जायें । कार्तिक माहात्म का `कमल`, पढो़ सोलहवां अध्याय ॥ राजा पृथु ने कहा: हे नारद जी! ये तो आपने भगवान शिव की बडी़ विचित्र कथा सुनाई है। अब कृपा करके [...]

सोमवती अमावस्या व्रत कथा – Somvati Amavasya Vrat Katha

व्रत कथा सोमवती अमावस्या व्रत कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण परिवार था, उस परिवार में पति-पत्नी एवं उसकी एक पुत्री भी थी। उनकी पुत्री समय के गुजरने के साथ-साथ धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उस पुत्री में बढ़ती उम्र के [...]

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 17 – Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 17

व्रत कथा भक्ति से भरे भाव हे हरि मेरे मन उपजाओ । सत्रहवां अध्याय कार्तिक, कृपा दृष्टि कर जाओ ॥ उस समय शिवजी के गण प्रबल थे और उन्होंने जलन्धर के शुम्भ-निशुम्भ और महासुर कालनेमि आदि को पराजित कर दिया। [...]

भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण से छूटे भगवान चित्रगुप्त – Ram Ke Rajtilak Me Nimantran Se Chhute Bhagwan Chitragupt

व्रत कथा कहते है, जब भगवान राम दशानन रावण को मार कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके खडाऊं को राजसिंहासन पर रख कर राज्य चला रहे राजा भरत थे। भरत ने गुरु वशिष्ठ को भगवान राम के राज्यतिलक के [...]

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 18 – Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 18

व्रत कथा लिखता हूँ मॉ पुराण की, सीधी सच्ची बात । अठारहवां अध्याय कार्तिक, मुक्ति का वरदात ॥ अब रौद्र रूप महाप्रभु शंकर नन्दी पर चढ़कर युद्धभूमि में आये। उनको आया देख कर उनके पराजित गण फिर लौट आये और [...]