Category: Sanatan Dharam

महर्षि दधीचि के बलिदान की कहानी और पिप्पलाद का जन्म

भारतीय पौराणिक कथाओं में महर्षि दधीचि का नाम महान त्याग और बलिदान के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध है। अपनी अस्थियों को देवताओं की विजय के लिए दान करके उन्होंने एक ऐसा इतिहास रचा जो युगों-युगों तक अमर रहेगा। लेकिन [...]

शारदीय नवरात्रि 2024: तिथि, शुभ मुहूर्त, और महत्व

शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म में अत्यधिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के लिए समर्पित होता है और हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की [...]

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लगाने वाले पेड़-पौधे

वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर का हर कोना हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। हमारे घर में पेड़-पौधों की मौजूदगी न केवल सौंदर्य बढ़ाती है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली भी लाती है। हर पौधा अपने आप [...]

श्री बजरंग बाण का पाठ – Shri Bajrang ban path

दोहा :  निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥ चौपाई: जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥ जैसे कूदि [...]

रुद्राक्ष माला के बारे में विस्तृत जानकारी

रुद्राक्ष माला का धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्व बहुत अधिक है। इसे पहनने के कुछ नियम और फायदे होते हैं जिन्हें जानना आवश्यक है। आइए जानते हैं रुद्राक्ष माला से जुड़ी विस्तृत जानकारी: 1. रुद्राक्ष की माला धारण करने [...]

नक्षत्रों का महत्व: सभी 27 नक्षत्रों के नाम और उनकी विशेषताएँ

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रह-नक्षत्रों की चाल का विशेष महत्व होता है। ग्रहों की चाल से जहां व्यक्ति के जीवन पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ता है, वहीं नक्षत्रों की गणना से व्यक्ति के स्वभाव तथा जीवनशैली पर असर होता है। वैदिक [...]

सनातन धर्म में ऋषि, मुनि, साधु, संत, महर्षि, संन्यासी और महात्मा के बीच अंतर

सनातन धर्म में ऋषि, मुनि, साधु, संत, महर्षि, संन्यासी और महात्मा का नाम बड़े ही आदर और श्रद्धा से लिया जाता है। ये सभी विभूतियाँ अपनी विशेषताओं और आध्यात्मिक उन्नति के कारण समाज में विशिष्ट स्थान रखती हैं। वर्तमान समय [...]

कुलदेवी या कुलदेवता का महत्व

हर परिवार या वंश का एक विशेष दैवीय संबंध होता है, जिसे कुलदेवी या कुलदेवता के रूप में जाना जाता है। यह दैवीय शक्ति वंश के संरक्षक के रूप में मानी जाती है, जो पीढ़ियों से परिवार के सभी सदस्यों [...]

जन्म कुंडली के 5 सबसे हानिकारक दोष तथा उनके उपाय

किसी भी व्यक्ति की कुंडली उसके जीवन में विशेष महत्व रखती है। कुंडली के आधार पर ग्रह-नक्षत्रों की गणना की जाती है, जिससे कुंडली में मौजूद गुण-दोष का पता चलता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई अशुभ ग्रह [...]

वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कपड़ों के लिए टिप्स: जानें कैसे लाएं सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि

वास्तु शास्त्र, जो हमारे परिवेश और निवास स्थल के डिजाइन और उनके साथ हमारे संबंध को समझने की प्राचीन भारतीय विधा है, अक्सर हमारे घरों और कार्यस्थलों की व्यवस्था और संरचना के संदर्भ में चर्चित रहता है। हालांकि, इसकी प्रासंगिकता [...]

मांगलिक दोष: विवाह और जीवन पर इसके प्रभाव समझना

मांगलिक दोष कुंडली में मंगल ग्रह की विशेष स्थिति के कारण होता है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दोष विवाह और वैवाहिक जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम मांगलिक दोष [...]

अभिभावकों के लिए मार्गदर्शिका: बच्चों को जाति और जातिगत भेदभाव समझाना

जाति और जातिगत भेदभाव, भारतीय समाज में गहराई से निहित मुद्दे हैं, जिनका प्रभाव न केवल वयस्कों बल्कि बच्चों पर भी पड़ता है। इन मुद्दों पर बच्चों के साथ चर्चा करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें न केवल समाज [...]

चैत्र नवरात्रि 2024: पूजा विधि, कथाओं और महत्व के साथ देवी उपासना का शुभारम्भ

चैत्र नवरात्रि, हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वर्ष की प्रथम नवरात्रि होती है, जो चैत्र मास के प्रथम दिन से आरंभ होकर नौ दिनों तक चलती है। यह पर्व न केवल देवी माँ की भक्ति और उपासना का प्रतीक है, बल्कि [...]

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा – Shri Brihaspatidev Ji Vrat Katha

बृहस्पतिवार व्रत कथा में, एक दानशील राजा की कहानी है जिसकी रानी दान-पुण्य में रुचि नहीं रखती। बृहस्पतिदेव साधु के रूप में आकर भिक्षा मांगते हैं, लेकिन रानी उन्हें भिक्षा देने से इनकार कर देती है। इस पर बृहस्पतिदेव ने [...]

गोपेश्वर महादेव की लीला कथा – Gopeshwar Mahadev Leela Katha

गोपेश्वर महादेव की लीला" एक अद्भुत कथा है जो भगवान शिव और श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करती है। इस कथा के अनुसार, एक बार शरद पूर्णिमा की रात्रि में, भगवान शिव वृंदावन में श्रीकृष्ण और गोपियों की रासलीला देखने [...]

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा – Baidyanath Jyotirlinga Utpatti Pauranik Katha

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा" का सार यह है कि रावण ने अपनी घोर तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न करने की कोशिश की। उसने अपने नौ सिर काटकर भगवान शिव की आराधना की और जब वह दसवां सिर काटने [...]



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