पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 29 – Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 29
व्रत कथा पुण्यशील-सुशील बोले, 'हे विभो! गोलोक को चलो, यहाँ देरी क्यों करते हो? तुमको पुरुषोत्तम भगवान् का सामीप्य मिला है। कदर्य बोला, 'मेरे बहुत कर्म अनेक प्रकार से भोगने योग्य हैं। परन्तु हमारा उद्धार कैसे हुआ जिससे गोलोक को [...]

