Category: Sanatan Dharam

वट सावित्री व्रत कथा – Vat Savitri Vrat Katha

व्रत कथा विवाहित महिलाओं के बीच अत्यधिक प्रचलित ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन आने वाले सावित्री व्रत की कथा निम्न प्रकार से है: भद्र देश के एक राजा थे, जिनका नाम अश्वपति था। भद्र देश के राजा अश्वपति के कोई संतान न [...]

श्रावण संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा – Shravan Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha

व्रत कथा संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। ऋषिगण पूछते हैं कि हे स्कन्द कुमार! दरिद्रता, शोक, कुष्ठ आदि से विकलांग, शत्रुओं से संतप्त, राज्य से निष्कासित राज, सदैव दुःखी [...]

योगिनी एकादशी व्रत कथा – Yogini Ekadashi Vrat Katha

व्रत कथा योगिनी एकादशी का महत्त्व: हिंदू धर्म ग्रंथों में हर एकादशी का अपना अलग महत्व बताया गया है। इन्हीं अलग-अलग विशेषताओं के कारण इनके नाम भी भिन्न-भिन्न रखे गये हैं। प्रत्येक वर्ष में चौबीस एकादशियां होती हैं, मल मास [...]

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा – Purushottam Mas Mahatmya Katha

व्रत कथा ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ पुरुषोत्तम मास माहात्म्य ? पुराणों में अधिकमास अर्थात मलमास के पुरुषोत्तम मास बनने की बड़ी ही रोचक कथा है। उस कथा के अनुसार बारह महीनों के अलग-अलग स्वामी हैं पर स्वामीविहीन होने के कारण [...]

देवशयनी एकादशी व्रत कथा – Devshayani Ekadashi Vrat Katha

व्रत कथा देवशयनी एकादशी का महत्त्व: ब्रह्म वैवर्त पुराण में देवशयनी एकादशी के विशेष माहात्म्य का वर्णन किया गया है। इस व्रत से प्राणी की समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। यह एकादशी आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी जिसे योगिनी [...]

कोकिला व्रत कथा – Kokila Vrat Katha

व्रत कथा कोकिला व्रत से जुड़ी कथा का संबंध भगवान शिव एवं माता सती से जुड़ा है। माता सती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए लम्बे समय तक कठोर तपस्या को करके उन्हें पाया था। कोकिला व्रत कथा का [...]

नर्मदेश्वर शिवलिंग बने की पौराणिक कथा – Narmadeshwar Shivling Banane Ki Pauranik Katha

व्रत कथा भगवान शिव की पूजा के लिए शिवलिंग की पूजा करने का प्रावधान है, शिवलिंग के भी विभिन्न प्रकार हैं जैसे - स्वयंभू शिवलिंग, नर्मदेश्वर शिवलिंग, जनेउधारी शिवलिंग, पारद शिवलिंग, सोने एवं चांदी के शिवलिंग। इनमें से नर्मदेश्वर शिवलिंग [...]

कामिका एकादशी व्रत कथा – Kamika Ekadashi Vrat Katha

व्रत कथा ॥ जय श्री हरि ॥ कामिका एकादशी का महत्त्व: अर्जुन ने कहा: हे प्रभु! मैंने आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का सविस्तार वर्णन सुना। अब आप मुझे श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी की कथा सुनाने [...]

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 1 – Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 1

व्रत कथा कल्पवृक्ष के समान भक्तजनों के मनोरथ को पूर्ण करने वाले वृन्दावन की शोभा के अधिपति अलौकिक कार्यों द्वारा समस्त लोक को चकित करने वाले वृन्दावनबिहारी पुरुषोत्तम भगवान् को नमस्कार करता हूँ। नारायण, नर, नरोत्तम तथा देवी सरस्वती और [...]

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 2 – Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 2

व्रत कथा सूतजी बोले, 'राजा परीक्षित् के पूछने पर भगवान् शुक द्वारा कथित परम पुण्यप्रद श्रीमद्भागवत शुकदेवजी के प्रसाद से सुनकर और अनन्तर राजा का मोक्ष भी देख कर अब यहाँ यज्ञ करने को उद्यत ब्राह्मणों को देखने के लिये [...]

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 3 – Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 3

व्रत कथा ऋषिगण बोले, 'हे महाभाग! नर के मित्र नारायण नारद के प्रति जो शुभ वचन बोले वह आप विस्तार पूर्वक हमसे कहें।' सूतजी बोले, 'हे द्विजसत्तमो! नारायण ने नारद के प्रति जो सुन्दर वचन कहे वह जैसे मैंने सुने [...]

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 4 – Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 4

व्रत कथा श्रीनारायण बोले, 'हे नारद! भगवान् पुरुषोत्तम के आगे जो शुभ वचन अधिमास ने कहे वह लोगों के कल्याण की इच्छा से हम कहते हैं, सुनो। अधिमास बोला, 'हे नाथ! हे कृपानिधे! हे हरे! मेरे से जो बलवान् हैं [...]

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 6 – Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 6

व्रत कथा नारदजी बोले - भगवान् गोलोक में जाकर क्या करते हैं? हे पापरहित! मुझ श्रोता के ऊपर कृपा करके कहिये। श्रीनारायण बोले - हे नारद! पापरहित! अधिमास को लेकर भगवान् विष्णु के गोलोक जाने पर जो घटना हुई वह [...]

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 5 – Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 5

व्रत कथा नारद जी बोले, 'हे महाभाग! हे तपोनिधे! इस प्रकार अधिमास के वचनों को सुनकर हरि ने चरणों के आगे पड़े हुए अधिमास से क्या कहा?' श्रीनारायण बोले, 'हे पाप रहित! हे नारद! जो हरि ने मलमास के प्रति [...]

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 7 – Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 7

व्रत कथा सूतजी बोले - हे तपोधन! आप लोगों ने जो प्रश्न किया है वही प्रश्न नारद ने नारायण से किया था सो नारायण ने जो उत्तर दिया वही मैंआप लोगों से कहता हूँ। नारदजी बोले - विष्णु ने अधिमास [...]

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 8 – Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 8

व्रत कथा सूतजी बोले, 'हे तपोधन! विष्णु और श्रीकृष्ण के संवाद को सुन सन्तुष्टमन नारद, नारायण से पुनः प्रश्न करने लगे। नारदजी बोले, 'हे प्रभो! जब विष्णु बैकुण्ठ चले गये तब फिर क्या हुआ? कहिये। आदिपुरुष कृष्ण और हरिसुत का [...]