Category: Sanatan Dharam

श्री खाटू श्याम जी आरती – Shri Khatu Shyam Ji Ki Aarti

श्री खाटू श्याम जी हिन्दू धर्म में पूजे जाने वाले एक प्रमुख देवता हैं, जो महाभारत के योद्धा बर्बरीक के रूप में प्रसिद्ध हैं। वे भगवान कृष्ण के परम भक्त और शिष्य माने जाते हैं। खाटू श्याम जी की आरती [...]

श्री जानकीनाथ जी की आरती – Shri Jankinatha Ji Ki Aarti

॥ आरती ॥ ॐ जय जानकीनाथा, जय श्री रघुनाथा । दोउ कर जोरें बिनवौं, प्रभु! सुनिये बाता ॥ ॐ जय..॥ तुम रघुनाथ हमारे, प्राण पिता माता । तुम ही सज्जन-संगी, भक्ति मुक्ति दाता ॥ ॐ जय..॥ लख चौरासी काटो, मेटो [...]

श्री सीता माता जी की आरती – Shri Sita Mata Ji Ki Aarti

श्री सीता माता जी, जिन्हें देवी सीता के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दू धर्म में आदर्श पत्नी और माँ के रूप में पूजी जाती हैं। वे भगवान राम की पत्नी हैं और उनकी अटूट भक्ति, धैर्य और पवित्रता [...]

आरती श्री कुंज बिहारी की – Aarti Shri Kunj Bihari Ki

आरती श्री कुंज बिहारी की, जो भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है, हिन्दू धर्म में गहरा आध्यात्मिक महत्व रखती है। भगवान कृष्ण को उनकी लीलाओं, प्रेम, और दिव्यता के लिए पूजा जाता है। "कुंज बिहारी" श्री कृष्ण का एक नाम [...]

श्री सूर्य देव की आरती – Shri Surya Dev Ki Aarti

॥ आरती ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान । जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा । धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान ॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥ सारथी अरूण हैं प्रभु [...]

श्री अन्नपूर्णा देवी जी की आरती – Shri Annapurna Devi Ji Ki Aarti with Lyrics

॥ आरती ॥ बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम । जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम । अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम ॥ बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम । प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम [...]

श्री दत्ताची आरती – Shri Dattachi Aarti

॥ आरती ॥ त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा । त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा । नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥ सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥ जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता । आरती ओवाळिता हरली [...]

आरती राम लला की – Aarti Ram Lala Ki

॥ आरती ॥ आरती कीजे श्रीरामलला की । पूण निपुण धनुवेद कला की ॥ धनुष वान कर सोहत नीके । शोभा कोटि मदन मद फीके ॥ सुभग सिंहासन आप बिराजैं । वाम भाग वैदेही राजैं ॥ कर जोरे रिपुहन हनुमाना [...]

आरती श्री रामायण जी की – Aarti Shri Ramayan Ji Ki

॥ आरती ॥ आरती श्री रामायण जी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रहमादिक मुनि नारद । बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥ शुक सनकादिक शेष अरु शारद । बरनि पवनसुत कीरति नीकी ॥ ॥ आरती श्री रामायण [...]

रघुवर श्री रामचन्द्र जी आरती – Raghuvar Shri Ramchandra Ji

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से की जाने वाली आरती। आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥ दशरथ तनय कौशल्या नन्दन, सुर मुनि रक्षक दैत्य [...]

श्री स्वामीनारायण आरती – Shri Swaminarayan Arti

श्री स्वामीनारायण आरती प्रतिदिन सभी BAPS मंदिरों में तथा भक्ति भाव से भरे अनगिनत घरों में और विशेष अवसरों पर गाई जाती है। यह आरती उपासकों के ह्रदय को अक्षरपुरूषोत्तम प्रभु के दिव्य रूपों की महिमा की याद दिलाती है। [...]

श्री गंगा जी की आरती – Shri Ganga Ji Ki Aarti

श्री गंगा जी आरती का महत्व: गंगा जी की आरती हिन्दू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र मानी जाती है। यह नदी न केवल भारत की सबसे पवित्र नदियों में से एक है, बल्कि इसे मोक्ष प्रदान करने वाली और [...]

माँ सरस्वती वंदना – या कुन्देन्दुतुषारहारधवला – Maa Saraswati Vandana

त्योहार सरस्वती पूजा, वसंत पंचमी व केंद्रीय विद्यालयों, सरस्वती शिशु मंदिर, डी ए वी स्कूल मे गायी जाने वाली लोकप्रिय प्रार्थना। ॥ आरती ॥ या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता, या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना । या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता, सा मां [...]

आरती सरस्वती जी – ओइम् जय वीणे वाली – Shri Saraswati Jai Veene Wali Ki Aarti

॥ आरती ॥ ओइम् जय वीणे वाली, मैया जय वीणे वाली ऋद्धि-सिद्धि की रहती, हाथ तेरे ताली ऋषि मुनियों की बुद्धि को, शुद्ध तू ही करती स्वर्ण की भाँति शुद्ध, तू ही माँ करती॥ 1 ॥ ज्ञान पिता को देती, [...]

ॐ जय सरस्वती माता जी की आरती – Om Jai Saraswati Mata Ji Ki Aarti

सरस्वती माँ की आरती करने का महत्व बहुत विशेष है। माँ सरस्वती को ज्ञान, बुद्धि, संगीत, और कला की देवी माना जाता है। उनकी आरती का उद्देश्य उनसे विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करना है। विद्यार्थियों, शिक्षकों, और कलाकारों [...]

श्री राम स्तुति – Shri Ram Stuti

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, श्री हनुमान जन्मोत्सव और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से वाचन किया जाने वाली वंदना ॥ दोहा ॥ श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं । नव कंज लोचन कंज मुख [...]



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