Category: Sanatan Dharam

श्री गणपति जी की आरती – Shri Ganpati Ji Ki Aarti

॥ आरती ॥ शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको । दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको । हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको । महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥ जय देव जय देव.. जय देव जय देव, जय जय श्री [...]

श्री राधा रानी की पवित्र आरती – Shri Radha Rani Ki Aarti

॥ आरती ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की, मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥ त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेकविराग विकासिनि । पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि, सुन्दरतम छवि सुन्दरता की ॥ ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥ मुनि मन मोहन मोहन [...]

आरती भगवान गंगाधर जी की – Bhagwan Gangadhar Ji Ki Aarti

॥ आरती ॥ ॐ जय गंगाधर जय हर, जय गिरिजाधीशा । त्वं मां पालय नित्यं, कृपया जगदीशा ॥ ॐ हर हर हर महादेव ॥ कैलासे गिरिशिखरे, कल्पद्रुमविपिने । गुंजति मधुकरपुंजे, कुंजवने गहने ॥ ॐ हर हर हर महादेव ॥ कोकिलकूजित [...]

श्री विन्ध्येश्वरी आरती – Shri Vindhyeshwari Aarti

भक्त इन पंक्तियां को स्तुति श्री हिंगलाज माता और श्री विंध्येश्वरी माता की आरती के रूप मे प्रयोग करते हैं: ॥ आरती ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी । कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ पान सुपारी ध्वजा नारियल । ले तेरी भेंट चढ़ायो [...]

श्री देवी जी की आरती – Shri Devi Ji Ki Aarti

॥ आरती ॥ जगजननी जय! जय!! माँ! जगजननी जय! जय!! भयहारिणि, भवतारिणि, माँ भवभामिनि जय! जय ॥ जगजननी जय जय..॥ तू ही सत-चित-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा । सत्य सनातन सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा ॥ जगजननी जय जय..॥ आदि अनादि अनामय, अविचल अविनाशी [...]

श्री तुलसी जी की आरती – Shri Tulsi Ji Ki Aarti

॥ आरती ॥ जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता । सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता ॥ ॥ जय तुलसी माता…॥ सब योगों से ऊपर, सब रोगों से ऊपर । रज से रक्ष करके, सबकी भव [...]

श्री अहोई माता आरती – Shri Ahoi Mata Aarti

॥ आरती ॥ जय अहोई माता, जय अहोई माता । तुमको निसदिन ध्यावत, हर विष्णु विधाता ॥ ॐ जय अहोई माता ॥ ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला, तू ही है जगमाता । सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॐ जय अहोई माता [...]

श्री कुबेर जी की आरती – Shri Kuber Ji Ki Aarti

भारत के सबसे बड़े त्यौहार दीपावली का शुभ आरंभ धनतेरस से होता है, धनतेरस के दिन देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेर एवं श्री गणेश की पूजा-आरती प्रमुखता से की जाती है। ॥ आरती ॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै [...]

श्री महावीर स्वामी जी की आरती – Shri Mahavir Swami Ji Ki Aarti

॥ आरती ॥ ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभु । कुण्डलपुर अवतारी, चांदनपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभु ॥ सिध्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी । बाल ब्रह्मचारी व्रत, पाल्यो तप धारी ॥ ॥ॐ जय महावीर प्रभु…॥ आतम ज्ञान विरागी, [...]

श्री कुबेर जी आरती – जय कुबेर स्वामी – Shri Kuber Aarti, Jai Kuber Swami

॥ आरती ॥ जय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी, हे समरथ परिपूरन । हे समरथ परिपूरन । हे अन्तर्यामी ॥ ॐ जय कुबेर स्वामी प्रभु जय कुबेर स्वामी.. जय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी, हे समरथ परिपूरन । [...]

श्री विश्वकर्मा जी की आरती – Shri Vishwakarma Ji Ki Aarti

॥ आरती ॥ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा ॥ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा । आदि सृष्टि मे विधि को, श्रुति उपदेश दिया । जीव मात्र का जग [...]

श्री चित्रगुप्त स्तुति – Shri Chitragupt Stuti

॥ आरती ॥ जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम् । जय पूज्यपद पद्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय देव देव दयानिधे, जय दीनबन्धु कृपानिधे । कर्मेश जय धर्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय चित्र अवतारी प्रभो, जय लेखनीधारी विभो । [...]

श्री चित्रगुप्त आरती – Shri Chitragupt Aarti

॥ आरती ॥ भगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरती ॐ जय चित्रगुप्त हरे, स्वामीजय चित्रगुप्त हरे । भक्तजनों के इच्छित, फलको पूर्ण करे॥ विघ्न विनाशक मंगलकर्ता, सन्तनसुखदायी । भक्तों के प्रतिपालक, त्रिभुवनयश छायी ॥ ॐ जय चित्रगुप्त हरे...॥ रूप चतुर्भुज, [...]

श्री गौमता जी की आरती – Shri Gaumata Ji Ki Aarti

गौमाता को हिन्दू धर्म में एक पवित्र प्राणी माना जाता है, जिसकी आराधना देवी माँ के समान की जाती है। गाय को माँ का दर्जा दिया गया है क्योंकि यह अपने दूध से हमें पोषण प्रदान करती है, जिसे आध्यात्मिक [...]

हवन-यज्ञ प्रार्थना- Hawan Prarthana

॥ आरती ॥ पूजनीय प्रभो हमारे, भाव उज्जवल कीजिये । छोड़ देवें छल कपट को, मानसिक बल दीजिये ॥ १॥ वेद की बोलें ऋचाएं, सत्य को धारण करें । हर्ष में हो मग्न सारे, शोक-सागर से तरें ॥ २॥ अश्व्मेधादिक रचायें, [...]

श्री तुलसी माता जी की आरती -Shri Tulsi Mata Ji Ki Aarti

माँ तुलसी पूजन, तुलसी विवाह एवं कार्तिक माह में माँ तुलसी की आरती सबसे अधिक श्रवण की जाती है। तुलसी, जिसे हिन्दू धर्म में एक पवित्र पौधे के रूप में पूजा जाता है, भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती है। [...]