गुरु प्रदोष व्रत कथा – Guru Pradosh Vrat Katha
गुरु प्रदोष व्रत कथा हिन्दू धर्म में गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत से संबंधित है। गुरु प्रदोष का व्रत विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए किया जाता है और इसे ज्ञान, धन, और सुख की प्राप्ति [...]
गुरु प्रदोष व्रत कथा हिन्दू धर्म में गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत से संबंधित है। गुरु प्रदोष का व्रत विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए किया जाता है और इसे ज्ञान, धन, और सुख की प्राप्ति [...]
व्रत कथा टेसू झेंजी विवाह की पौराणिक मान्यता: एक वरदान के अनुसार, सबसे पहिले टेसू का विवाह होगा, फिर उसके बाद ही कोई विवाह उत्सव की प्रक्रिया प्रारंभ कर सकेगा। मान्यता के अनुसार, भीम के पुत्र घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक [...]
व्रत कथा मैं सिमरूँ माता शारदा, बैठे जिह्वा आये । कार्तिक मास की कथा, लिखे ‘कमल’ हर्षाये ॥ नैमिषारण्य तीर्थ में श्रीसूतजी ने अठ्ठासी हजार सनकादि ऋषियों से कहा: अब मैं आपको कार्तिक मास की कथा विस्तारपूर्वक सुनाता हूँ, जिसका [...]
श्री शुक उवाच - एवं व्यवसितो बुद्ध्या समाधाय मनो हृदि । जजाप परमं जाप्यं प्राग्जन्मन्यनुशिक्षितम ॥१॥ गजेन्द्र उवाच - ऊं नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम । पुरुषायादिबीजाय परेशायाभिधीमहि ॥२॥ यस्मिन्निदं यतश्चेदं येनेदं य इदं स्वयं । योस्मात्परस्माच्च परस्तं प्रपद्ये स्वयम्भुवम [...]
व्रत कथा भगवान श्रीकृष्ण आगे बोले: हे प्रिये! जब गुणवती को राक्षस द्वारा अपने पति एवं पिता के मारे जाने का समाचार मिला तो वह विलाप करने लगी, हा नाथ! हा पिता! मुझको त्यागकर तुम कहां चले गये? मैं अकेली [...]
व्रत कथा सत्यभामा ने कहा: हे प्रभो! आप तो सभी काल में व्यापक हैं और सभी काल आपके आगे एक समान हैं फिर यह कार्तिक मास ही सभी मासों में श्रेष्ठ क्यों है? आप सब तिथियों में एकादशी और सभी मासों में [...]
व्रत कथा द्रौपदी को श्री कृष्ण ने सुनाई शिव-पार्वती कथा: एक बार अर्जुन नीलगिरि पर तपस्या करने गए। द्रौपदी ने सोचा कि यहाँ हर समय अनेक प्रकार की विघ्न-बाधाएं आती रहती हैं। उनके शमन के लिए अर्जुन तो यहाँ हैं [...]
व्रत कथा पतिव्रता करवा धोबिन की कथा: पुराणों के अनुसार करवा नाम की एक पतिव्रता धोबिन अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित गांव में रहती थी। उसका पति बूढ़ा और निर्बल था। एक दिन जब वह नदी [...]
व्रत कथा नारदजी ने कहा: ऎसा कहकर भगवान विष्णु मछली का रूप धारण कर के आकाश से जल में गिरे। उस समय विन्ध्याचल पर्वत पर तप कर रहे महर्षि कश्यप अपनी अंजलि में जल लेकर खड़े थे। भगवान उनकी अंजलि [...]
व्रत कथा साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी | करवा चौथ की पौराणिक व्रत कथा श्री गणेशाय नमः ! एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि [...]
व्रत कथा प्रभु मुझे सहारा है तेरा, जग के पालनहार । कार्तिक मास माहात्म की, कथा करूँ विस्तार ॥ राजा पृथु बोले: हे नारद जी! आपने कार्तिक मास में स्नान का फल कहा, अब अन्य मासों में विधिपूर्वक स्नान करने की [...]
व्रत कथा नारद जी बोले: जब दो घड़ी रात बाकी रहे तब तुलसी की मृत्तिका, वस्त्र और कलश लेकर जलाशय पर जाये। कार्तिक में जहां कहीं भी प्रत्येक जलाशय के जल में स्नान करना चाहिए। गरम जल की अपेक्षा ठण्डे [...]
व्रत कथा जिसकी दया से सरस्वती, भाव रही उपजाय । कार्तिक माहात्म का ‘कमल’ लिखे आठवाँ अध्याय ॥ नारदजी बोले – अब मैं कार्तिक व्रत के उद्यापन का वर्णन करता हूँ जो सब पापों का नाश करने वाला है। व्रत [...]
व्रत कथा नारद जी ने कहा: हे राजन! कार्तिक मास में व्रत करने वालों के नियमों को मैं संक्षेप में बतलाता हूँ, उसे आप सुनिए। व्रती को सब प्रकार के आमिष मांस, उरद, राई, खटाई तथा नशीली वस्तुओं का त्याग [...]
व्रत कथा कार्तिक मास माहात्म्य का, यह इकत्तीसवाँ अध्याय । बतलाया भगवान ने, प्रभु स्मरण का सरल उपाय ॥ भगवान श्रीकृष्ण ने कहा- पूर्वकाल में अवन्तिपुरी (उज्जैन)में धनेश्वर नामक एक ब्राह्मण रहता था।वह रस, चमड़ा और कम्बल आदि का व्यापार [...]
व्रत कथा ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ बहुत समय पहले झाँसी के निकट एक नगर में चन्द्रभान नामक साहूकार रहता था। उसकी पत्नी चन्द्रिका बहुत सुंदर, सर्वगुण सम्पन्न, सती साध्वी, शिलवन्त चरित्रवान तथा बुद्धिमान थी। उसके कई पुत्र-पुत्रियां थी परंतु [...]