श्री शनि देव आरती – Shri Shani Dev Aarti
॥ आरती ॥ जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी । सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥ ॥ जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ॥ श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी । नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी ॥ ॥ जय [...]
और पढ़ेंआरती संग्रह श्रेणी भक्तिमय संगीत और पारंपरिक भजनों का एक अनूठा संकलन है, जो आपको धार्मिक आस्था और आध्यात्मिकता की गहराइयों में ले जाएगा। इस श्रेणी में विभिन्न देवी-देवताओं की आरतियाँ शामिल हैं, जैसे कि गणेश आरती, लक्ष्मी आरती, शिव आरती, दुर्गा आरती, और कृष्ण आरती सहित अन्य अनेक दिव्य आरतियाँ।
प्रत्येक आरती भक्ति और श्रद्धा के भाव को संजोए हुए है, और इसका पाठ या गायन आपके मन को शांति प्रदान करने के साथ-साथ आपके दैनिक जीवन में सकारात्मकता का संचार करेगा। आरती के इस संग्रह का उपयोग पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठानों, त्योहारों और विशेष अवसरों पर किया जा सकता है।
इस संग्रह में शामिल आरतियों को सुनने या पढ़ने से न केवल आपका मन शांत होगा, बल्कि यह आपके भीतर एक गहरी आध्यात्मिक जागृति भी प्रदान करेगा। चाहे आप एक अध्यात्मिक यात्री हों या दैनिक पूजा के लिए नई आरतियों की खोज में हों, यह आरती संग्रह श्रेणी आपके लिए एक अमूल्य खजाना साबित होगी।
हमारा आरती संग्रह आपको उन दिव्य धुनों और श्लोकों से परिचित कराएगा जो सदियों से हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा रहे हैं। अपने धार्मिक अनुष्ठानों को इन आरतियों के साथ और भी अधिक विशेष बनाएं और आध्यात्मिक शांति की ओर अपने कदम बढ़ाएं।
॥ आरती ॥ जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी । सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥ ॥ जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ॥ श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी । नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी ॥ ॥ जय [...]
और पढ़ेंसंतोषी माता, हिंदू धर्म में संतोष और शांति की देवी के रूप में पूजी जाती हैं। उनकी आराधना करने वाले भक्त जीवन में संतोष, सुख, और कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। 'जय संतोषी माता' आरती, विशेष रूप से [...]
और पढ़ेंश्री भगवत भगवान हिन्दू धर्म में उच्चतम देवता हैं, जिन्हें सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी, और अनंत के रूप में पूजा जाता है। "भगवान" शब्द का अर्थ है वह जो सभी भौतिक संपदाओं और आध्यात्मिक गुणों से युक्त है। हिन्दू धर्म में, भगवान [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ ॐ जय शीतलनाथ स्वामी, स्वामी जय शीतलनाथ स्वामी। घृत दीपक से करू आरती, घृत दीपक से करू आरती। तुम अंतरयामी, ॐ जयशीतलनाथ स्वामी॥ ॥ ॐ जय शीतलनाथ स्वामी...॥ भदिदलपुर में जनम लिया प्रभु, दृढरथ पितु नामी, दृढरथ [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ जय काली माता, माँ जय महा काली माँ। रतबीजा वध कारिणी माता। सुरनर मुनि ध्याता, माँ जय महा काली माँ॥ दक्ष यज्ञ विदवंस करनी माँ शुभ निशूंभ हरलि। मधु और कैितभा नासिनी माता। महेशासुर मारदिनी, ओ माता [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम् । निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम् ॥ शेष सुमिरन करत निशदिन, धरत ध्यान महेश्वरम् । वेद ब्रह्मा करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम् ॥ ॥ पवन मंद सुगंध शीतल...॥ [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते । हरि-हिय-कमल-विहारिणि, सुन्दर सुपुनीते ॥ कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि, कामासक्तिहरा । तत्त्वज्ञान-विकाशिनि, विद्या ब्रह्म परा ॥ जय भगवद् गीते...॥ निश्चल-भक्ति-विधायिनि, निर्मल मलहारी । शरण-सहस्य-प्रदायिनि, सब विधि सुखकारी ॥ जय भगवद् गीते...॥ राग-द्वेष-विदारिणि, कारिणि मोद [...]
और पढ़ेंश्री चित्रगुप्त जी हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण देवता माने जाते हैं, जिन्हें कर्मों का लेखक और यमराज के सचिव के रूप में जाना जाता है। वे धर्मराज यम के सहायक हैं और मृत्यु के बाद मनुष्यों के कर्मों का [...]
और पढ़ेंश्री हनुमान जी की आरती, जो विशेष रूप से श्री हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार, और अखंड रामायण के पाठ के दौरान प्रमुखता से गाई जाती है, हिन्दू धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक क्रिया [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी । ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा शिव हरि शंकर, रुद्रौ पालन्ती ॥ ॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥ देवी नारद सारद तुम वरदायक, अभिनव पदण्डी । सुर नर मुनि जन सेवत, सुर नर [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं, हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं । आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं, श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं । श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं, हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं । आरती गाऊं [...]
और पढ़ेंदुनियाँ में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध भजन 'ॐ जय जगदीश हरे' का 1870 में पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा रचा गया था। यह भजन मुख्य रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है, लेकिन इसे किसी भी पूजा या त्योहार पर गाया या [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ जय सिद्धिदात्री मां, तू सिद्धि की दाता। तू भक्तों की रक्षक, तू दासों की माता। तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि। तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि। कठिन काम सिद्ध करती हो तुम। जभी [...]
और पढ़ेंमां महागौरी की आरती मां महागौरी हिंदू धर्म में पूजित देवी हैं, जो देवी दुर्गा के नौ रूपों में से एक हैं। नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। मां महागौरी का रूप अति सुंदर और [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ कालरात्रि जय-जय-महाकाली। काल के मुह से बचाने वाली॥ दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा। महाचंडी तेरा अवतार॥ पृथ्वी और आकाश पे सारा। महाकाली है तेरा पसारा॥ खडग खप्पर रखने वाली। दुष्टों का लहू चखने वाली॥ कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ जय तेरी हो स्कंद माता, पांचवा नाम तुम्हारा आता. सब के मन की जानन हारी, जग जननी सब की महतारी. तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं, हरदम तुम्हे ध्याता रहूं मैं. कई नामो से तुझे पुकारा, मुझे एक [...]
और पढ़ें