श्री सूर्य देव की आरती – Shri Surya Dev Ki Aarti
॥ आरती ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान । जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा । धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान ॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥ सारथी अरूण हैं प्रभु [...]
और पढ़ेंआरती संग्रह श्रेणी भक्तिमय संगीत और पारंपरिक भजनों का एक अनूठा संकलन है, जो आपको धार्मिक आस्था और आध्यात्मिकता की गहराइयों में ले जाएगा। इस श्रेणी में विभिन्न देवी-देवताओं की आरतियाँ शामिल हैं, जैसे कि गणेश आरती, लक्ष्मी आरती, शिव आरती, दुर्गा आरती, और कृष्ण आरती सहित अन्य अनेक दिव्य आरतियाँ।
प्रत्येक आरती भक्ति और श्रद्धा के भाव को संजोए हुए है, और इसका पाठ या गायन आपके मन को शांति प्रदान करने के साथ-साथ आपके दैनिक जीवन में सकारात्मकता का संचार करेगा। आरती के इस संग्रह का उपयोग पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठानों, त्योहारों और विशेष अवसरों पर किया जा सकता है।
इस संग्रह में शामिल आरतियों को सुनने या पढ़ने से न केवल आपका मन शांत होगा, बल्कि यह आपके भीतर एक गहरी आध्यात्मिक जागृति भी प्रदान करेगा। चाहे आप एक अध्यात्मिक यात्री हों या दैनिक पूजा के लिए नई आरतियों की खोज में हों, यह आरती संग्रह श्रेणी आपके लिए एक अमूल्य खजाना साबित होगी।
हमारा आरती संग्रह आपको उन दिव्य धुनों और श्लोकों से परिचित कराएगा जो सदियों से हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा रहे हैं। अपने धार्मिक अनुष्ठानों को इन आरतियों के साथ और भी अधिक विशेष बनाएं और आध्यात्मिक शांति की ओर अपने कदम बढ़ाएं।
॥ आरती ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान । जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा । धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान ॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥ सारथी अरूण हैं प्रभु [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम । जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम । अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम ॥ बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम । प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा । त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा । नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥ सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥ जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता । आरती ओवाळिता हरली [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ आरती कीजे श्रीरामलला की । पूण निपुण धनुवेद कला की ॥ धनुष वान कर सोहत नीके । शोभा कोटि मदन मद फीके ॥ सुभग सिंहासन आप बिराजैं । वाम भाग वैदेही राजैं ॥ कर जोरे रिपुहन हनुमाना [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ आरती श्री रामायण जी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रहमादिक मुनि नारद । बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥ शुक सनकादिक शेष अरु शारद । बरनि पवनसुत कीरति नीकी ॥ ॥ आरती श्री रामायण [...]
और पढ़ेंश्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से की जाने वाली आरती। आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥ दशरथ तनय कौशल्या नन्दन, सुर मुनि रक्षक दैत्य [...]
और पढ़ेंश्री स्वामीनारायण आरती प्रतिदिन सभी BAPS मंदिरों में तथा भक्ति भाव से भरे अनगिनत घरों में और विशेष अवसरों पर गाई जाती है। यह आरती उपासकों के ह्रदय को अक्षरपुरूषोत्तम प्रभु के दिव्य रूपों की महिमा की याद दिलाती है। [...]
और पढ़ेंश्री गंगा जी आरती का महत्व: गंगा जी की आरती हिन्दू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र मानी जाती है। यह नदी न केवल भारत की सबसे पवित्र नदियों में से एक है, बल्कि इसे मोक्ष प्रदान करने वाली और [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ ओइम् जय वीणे वाली, मैया जय वीणे वाली ऋद्धि-सिद्धि की रहती, हाथ तेरे ताली ऋषि मुनियों की बुद्धि को, शुद्ध तू ही करती स्वर्ण की भाँति शुद्ध, तू ही माँ करती॥ 1 ॥ ज्ञान पिता को देती, [...]
और पढ़ेंसरस्वती माँ की आरती करने का महत्व बहुत विशेष है। माँ सरस्वती को ज्ञान, बुद्धि, संगीत, और कला की देवी माना जाता है। उनकी आरती का उद्देश्य उनसे विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करना है। विद्यार्थियों, शिक्षकों, और कलाकारों [...]
और पढ़ेंश्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, श्री हनुमान जन्मोत्सव और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से वाचन किया जाने वाली वंदना ॥ दोहा ॥ श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं । नव कंज लोचन कंज मुख [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी । राजेश्वरी जय नमो नमः ॥ करुणामयी सकल अघ हारिणी । अमृत वर्षिणी नमो नमः ॥ जय शरणं वरणं नमो नमः । श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ॥ अशुभ विनाशिनी, सब सुख दायिनी । [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । रत्न जडि़त सिंहासन, अद्भुत छवि राजै । नारद करत निराजन, घण्टा ध्वनि बाजै ॥ [...]
और पढ़ेंभगवान विष्णु की अर्धांगिनी माता लक्ष्मी का आह्वान भक्तजन साप्ताहिक दिन शुक्रवार, गुरुवार, वैभव लक्ष्मी व्रत तथा दीपावली में लक्ष्मी पूजन के दिन मुख्यतया अधिक करते हैं, जिसके अंतरगत भक्त माँ लक्ष्मी की आरती करने है। ॥ आरती ॥ महालक्ष्मी [...]
और पढ़ें॥ आरती ॥ जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता [...]
और पढ़ेंश्री बृहस्पति देव की आरती बृहस्पति देव की पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिन्हें गुरु ग्रह के रूप में जाना जाता है। बृहस्पति देव को ज्ञान, बुद्धि, और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। उनकी आरती करने से व्यक्ति [...]
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