गर्मी का मौसम जब अपने पूरे शबाब पर होता है, तो हर ओर तपिश और गर्म हवाओं का आलम छाया रहता है। इस मौसम की गर्मी को शब्दों में पिरो कर कवियों और शायरों ने अपनी भावनाओं का अद्भुत इज़हार किया है। यहाँ कुछ बेहतरीन शायरी प्रस्तुत हैं जो इस तपिश भरे मौसम की सुंदरता और कठिनाईयों को बयां करती हैं।
गर्मी पर शायरी की शुरुआत
गर्मी का मौसम, अपने साथ न केवल तेज धूप और पसीने लाता है, बल्कि यह हमें जीवन के कुछ अनमोल पल भी देता है। चलिए, गर्मी पर लिखी कुछ शायरी का आनंद लेते हैं।
जला देती है धूप हर रोज़,
छाँव की तलाश है,
इस गर्मी में भीगना मुमकिन नहीं,
बारिश की आस है।

लू के थपेड़े,
आग सी धरती,
गर्मी का मौसम,
दिल में तसल्ली।

पसीने से तर-बतर,
हर चेहरे की हकीकत,
गर्मी का ये आलम,
सूरज की हुकूमत।

गर्मी की ये धूप,
झुलसाती है तन,
लेकिन हौसले से,
हम चलते हैं हर पल।

सूरज की तपिश,
धरती का आगोश,
गर्मी के मौसम में,
जिंदगी की खोज।

धूप के साए में,
बीतते हैं दिन,
गर्मी की रातें,
उमस भरी रहीं।

प्यासे लब,
सूखी ज़मीं,
गर्मी के मौसम में,
सब कुछ है यही।

सूरज की तपिश,
दिल को जलाए,
गर्मी के इस मौसम में,
मन तरसाए।

छाँव की तलाश में,
भटकते रहे हम,
गर्मी की इस राह में,
कदम थमते रहे हम।

गर्मी का मौसम,
सच में बेदर्द,
पसीने में डूबा,
हर इंसान का दर्द।

धूप की किरणें झुलसाती हैं,
पसीना बहता तन से ढलकता है।
गर्मी की लू आई मुसीबत लाई,
उमस भरी हवा ने जी लिया घेर।

बहुत गर्मी पड़ रही मौसम में,
घाम कटती नहीं छांव में भी।
पंखे की हवा भी लगती गरम,
मिलती नहीं कहीं से ठंडक।

लू की मार से जिस्म बेहाल है,
प्यास लगी है पानी का इंतजार है।

गर्मी से टपकता बदन है नंगा,
आरामतलब हो गया दिल रंगा।

गर्मी में घर से निकलते ही,
बिना बोतल लिए घर लौटना पड़ा।

बिना एसी के गर्मी में जीना,
बस वक्त का इंतज़ार कर रहे हैं ढीना।

पसीने की नदी बह रही है चेहरे पर,
गर्मी ने बना दिया नया बीच समुंदर पर।

गर्मी में कुत्ते भी घूम रहे हैं बेशर्मी से,
आज तो पूछ के नीचे छिप गए अपनी शर्मी से।

दिन में धूप की गर्मी से तपते हैं,
रात को उससे ज्यादा मच्छरों से कटते हैं।

गर्मी की तपिश में,
हमने सोचा कुछ ठंडा पिएं,
दही और ककड़ी का सलाद,
अब तो एसी में ही जिएं।

धूप में जलते हैं हम,
छांव में मिलती राहत,
गर्मी के इस मौसम में,
आइसक्रीम है सबसे प्यारी दौलत।

लू के थपेड़े,
सूरज की मार,
गर्मी में चलना,
जैसे हो कोई कारगार।

गर्मी में पसीना,
ऐसा बहता नदिया,
चिलचिलाती धूप में,
हर कोई कहे ‘बस भइया’।

गर्मी के इस मौसम में,
कूलर की हवा भी लगे महंगा,
सोचते हैं हम,
कब आएगा मानसून का रंगा।

गर्मी की धूप में जलते, बॉयलर बन गई है स्किन,
मेम्स और मीम्स में उलझे, बस एयर कंडीशनर ही है ‘विन’।

सनबर्न का डर,
सनस्क्रीन की पावर,
गर्मी में बस यही है,
फ्रेंड्स और वाटर।

गर्मी की वैव्स,
और ये हॉटनेस का दौर,
बस चिल करने को चाहिए,
कोल्ड ड्रिंक और स्नो बॉल।

जब तक न आए बारिश, और बादल की बारिश,
तब तक एसी ऑन करो, और इंस्टा पे स्टोरी डालो ‘लाइफ इज़ डिलिश’।

गर्मी के इस सीजन में,
स्विमिंग पूल है बेस्ट,
कूल-डाउन करने को,
बस पार्टी ऑन और रेस्ट।

गर्मी के अनुभव
गर्मी का मौसम एक ऐसा समय है जब हम सभी को बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पसीना, थकान, और पानी की कमी, ये सब हमें अपनी सीमाओं को पहचानने और उनसे पार पाने के लिए प्रेरित करते हैं। लेकिन इन चुनौतियों के बीच भी, गर्मी हमें जीवन के नए रंग दिखाती है और हमें नई उम्मीदें देती है।
निष्कर्ष
गर्मी का मौसम चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो, शायरी के माध्यम से हम इसके हर पल को खूबसूरत बना सकते हैं। शायरी न केवल हमारी भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम है, बल्कि यह हमें उन मुश्किल पलों में भी सुकून देती है। गर्मी पर ये शायरी, तपिश भरे मौसम की हर एक दिन की कहानी कहती है।
आशा है कि आपको ये शायरी पसंद आई होगी और इस गर्मी के मौसम में थोड़ा सुकून मिलेगा। अपनी पसंदीदा शायरी हमें जरूर बताएं और हमारे साथ अपनी गर्मी के अनुभव साझा करें।





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