राती सुपने च आयी महामाई

राती सुपने च आयी महामाई

राती सुपने च आयी महामाई, मेरे ते सूत्ते भाग जग गए
मैं ते जन्मा दी प्यास बुझाई, मेरे ते सूत्ते भाग जग गए

जद मईया जी नु सनमुख मैं देखया,
हथ जोड़ नीवे होके मथा टेकया,
मेहरा वाली माँ ने मेहर लुटाई, मेरे ते सूत्ते भाग जग गए…..

सच आखे माँ दे बारे जग सारा ए,
आपे किश्ती ते आपे किनारा ए,
मेरी बेड़ी माँ ने पार लगायी, मेरे ते सूत्ते भाग जग गए…..

की की सिफ़त सुनावा उस रात दी,
दुःख हरनी भवानी अम्बे मात दी,
वेखी मईया रानी दी मैं वडिआई, मेरे ते सूत्ते भाग जग गए…..

गल सुपने दी सोच इतरावा मैं,
खुश होके सब नु सुनावा मैं,
मैं ते कर लई नेक कमाई, मेरे ते सूत्ते भाग जग गए…..

श्रेणीदुर्गा भजन

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